मंगलवार, 14 अप्रैल 2009

बास सावधान! चमचों से बचिए

बास सावधान! चमचागीरी करनेवालों को पहचानिये और उनसे बचिए, ये चमचे आपकी कब्र खोदने की तैयारी कर रहे हैं। जी हां, यह सच है पर आप इस बात पर यकीन नहीं करेंगे। आपके दफ्तर से जाते ही ये चमचे आपको भी गाली पढ़ने लगते हैं। इस बात को कोई आपसे कहेगा भी नहीं क्योंकि सभी इस चमचे से डरते हैं। आजकल कमोवेश लगभग सभी दफ्तरों में बास को चमचागीरी करने वाले लोग अधिक पसंद हैं। इनके काम में भी बास को कोई त्रुटि नजर नहीं आती है। आप यकीन करें या न करें परंतु चमचागीरी से फायदा ही फायदा है। एक तो आपको बास के करीब होने का अवसर प्राप्त होता है। वहीं अन्य कर्मचारियों से काम भी कम करना पड़ना है। दफ्तर के सभी कर्मचारी इस चमचे से डरते हैं कि कहीं वह बास से शिकायत न कर दे। यह सोचकर कोई उलझने का प्रयास भी नहीं करेगा। चमचों को प्रोमोशन भी समय पर मिलता है। बास की चमचागीरी जो उसने की है, कुछ तो फल मिलना ही चाहिए। चमचा बनने के लिए विद्वान होने की जरूरत नहीं है। बस भांप लीजिए कि बास की पसंद क्या है, वह क्या सुनना चाहते हैं? यदि उन्हें दबंग आदमी पसंद है तो किसी साथी को थोड़ा अपमानित कर दें, इसके पश्चात उसका गाली से स्वागत कर दें। यह भी उसे धमकी दे दें कि आपको नौकरी की परवाह नहीं है। यदि आप संबंधित संस्थान में नौकरी कर रहे हैं तो मेहरबानी कर रहे है। वर्ना आपके इर्द-गिर्द तो नौकरियों का भंडार है। इस मंदी में नौकरी गयी तो बिजनेस करेंगे। किसी न किसी तरह बास के पास यह बात तो पहुंच ही जायेगी क्योंकि कई और चमचे लाइन में जो हैं। बास सोचेंगे कि आपके जैसे दबंग आदमी के बिना दफ्तर का काम कैसे चलेगा? फिर तो आप अपने मकसद में कामयाब हो गये। बास के जाते ही जी भर कर गाली पढि़ये। अगले दिन दफ्तर आते ही किसी साथी के खिलाफ बास का कान फूंकना शुरू कर दीजिए। हर दफ्तर में बास के करीब ऎसे ही लोगों की जमघट लगी रहती है। ऎसे में ये चमचे चमचागीरी के साथ बास का कब्र भी खोदने लगते हैं क्योंकि बास ने उसे एक प्रोमोशन तो दे दिया, दूसरा देने के मूड में नहीं हैं। ऎसे में ये चमचे क्रब खोदते-खोदते बास को खोखला कर देते हैं। नतीजन, या तो बास का तबादला हो जाता है या फिर बास इस कदर गिर जाते हैं कि उन्हें संभलने में काफी वक्त लग जाता है। ऎसे चमचों की देखादेखी कई अन्य कर्मचारी भी सोचते हैं कि काश! उन्हें भी यह सौभाग्य प्राप्त होता। परंतु इससे बचने की जरूरत है क्योंकि इस तरह के चमचों की तलवार का स्वाद चख चुके कोई दूसरे बास से यदि सामना हुआ तो वह तुरंत बाहर का रास्ता दिखा देगा। वहीं आपकी प्रतिभा आपके साथ हर वक्त रहेगी। उसे प्रतिभा को जगाए रहिए। यही हमेशा आपका साथ देगा। बास को भी चाहिए कि काम के साथ हर कर्मचारी को बुलाकर उससे बात करे ताकि उसे सही हालात के बारे में जानकारी मिले।

3 टिप्‍पणियां:

  1. जीते जी जो मर सके वह चमचा कहलाय।
    खुद की सेहत के लिए नीचे तक गिर जाय।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com:

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  2. चम्‍मचों से बच कर क्‍या होगा
    कटोरी या जग होगा तो डूब ही जाएंगे
    चम्‍मच में डूबेंगे तो भी मरने से तो बच ही जाएंगे
    चमचों से नहीं चिमटों से बचाइये।
    बचाइये बाल्‍टी से
    ड्रम से
    तालाब से
    नदी से
    और भी बचाएं
    तो चुल्‍लू भर पानी में
    डूबने से बचाएं
    चमचों में तो डूबें
    तो भी अनडूबे कहलाएं
    यूं ही बच जाएं।

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