शनिवार, 18 अप्रैल 2009

बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार: लालू

रेलमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद कब क्या बयान देंगे कहना मुश्किल है। ये अपना हर बयान देश हित में बाद में व अपने हित में पहले देते हैं। इनका एक बयान उस समय आया था जब झारखंड राज्य नहीं बना था। उस समय लालू प्रसाद ने कहा था कि उनकी लाश पर ही झारखंड राज्य बनेगा। बाद में झारखंड राज्य बना और राजद सुप्रीमो ने उसमें भरपूर सहयोग भी किया। सत्ता के लिए वे किसी हद तक जा सकते हैं। किसी से भी समझौता कर सकते हैं। इस बात की चर्चा सभी करते हैं। बिहार में जब वे मुख्यमंत्री थे और चारे घोटाले में उन्हें जेल जाना था। तब उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री की कुर्सी थमा दी। इस बात की दबी जबां से सभी विधायकों ने विरोध किया। परंतु लालू के आगे विरोध जताने की हिम्मत किसी ने नहीं की। इसी तरह बिहार के पिछले विधानसभा चुनाव जिसमें राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं। उन्हें स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान उन्हें समर्थन देने के लिए तैयार थे। परंतु पासवान ने एक शर्त रखी कि राबड़ी देवी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी। लालू इस बात से सहमत नहीं हुए। वे किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने के लिए तैयार नहीं थे। अंत में दुबारा चुनाव हुआ और नीतीश कुमार ने बिहार की सत्ता का बागडोर संभाला। यदि लालू उस वक्त किसी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार हो जाते तो सरकार के लाखों रुपये चुनाव कराने पर खर्च नहीं होते। इसे सत्ता की लोलुपता नहीं तो और क्या कहा जाएगा? इस लोकसभा चुनाव में राजद-लोजपा ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया और कांग्रेस को लताड़ मार दी। जिस कांग्रेस के साथ लालू ने पांच साल तक सत्ता का सुख भोगा, अब मुस्लिम वोट पाने के लिए शनिवार को दरभंगा के मनीगाछी में बयान दिया कि बाबरी मस्जिद गिराने में भाजपा के साथ कांग्रेस भी जिम्मेदार है। उनके इस बयान से पूरे देश में उबाल आ गया है। लालू के इस बयान को कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आधारहीन बताया। मालूम हो कि लोकसभा के पहले चरण का चुनाव समाप्त हो चुका है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद बिहार में दो जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं। पहली सीट सारण जहां 16 अप्रैल को ही चुनाव हो गया। पाटलिपुत्र से भी लालू चुनाव लड़ेंगे। पहले चरण के मतदान के बाद राजद सुप्रीमो को लग रहा है कि कहीं उनकी लुटिया न डूब जाए। इससे घबराकर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साध दिया है। बाबरी मस्जिद का मामला उठाकर वे मुसलमानों का वोट पाना चाहते हैं। हालांकि इस बयान का भी लालू खंडन करेंगे और कहेंगे कि मीडिया ने उनके भाषण को अपने ढंग से पेश किया है। इधर हाल ही में उन्होंने एक भाषण में कहा था कि यदि वे गृहमंत्री होते तो वरुण गांधी के सीने पर बुल्डोजर चढ़वा देते। इसके अगले दिन ही उन्होंने अपना बयान पलट दिया और सफाई दी कि उन्होंने कानून के बुल्डोजर चढ़वाने की बात कही थी।

3 टिप्‍पणियां:

  1. अवसरवादी चरित्र वाले राजनेताओं के बारे में क्या कहे ! बिन पैंदे के लोटे है ये सब ! जब जहाँ फायदा हो उसी तरफ लुढ़क जाते है !

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  2. लालू साहब धर्मनिरपेक्ष बाते कीजिये
    दंगे वाली बाते नही

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  3. नेताओ की बातें करना ही व्‍यर्थ है ... पर मजबूरी है कि नेताओं की बातें करना आवश्‍यक भी है।

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