रविवार, 12 अप्रैल 2009

फिल्म स्टार संजय दत्त की सभा में लाठीचार्ज

अभिनेता से नेता बनने की कोशिश में जुटे संजय दत्त की सभा में पहुंचने वाले लोग उनके भाषण से ज्यादा उन्हें देखना चाहते हैं। यही कारण है कि संजय की चुनावी सभा में उनके चाहनेवालों को लाठी का स्वाद चखना पड़ रहा है। वे जहां भी चुनावी सभा में पहुंच रहे हैं। भीड़ उनकी झलक पाने के लिए सुरक्षI घेरा तोड़ उन तक पहुंचना चाहती है। नतीजन पु्लिस को कई जगहों पर लाठीचार्ज करनी पड़ी, इसमें दर्जनों लोग घायल भी हो गये। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, लोजपा के सुप्रीमो रामविलास पासवान और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की चुनावी तालमेल के बाद अमर सिंह के साथ संजय दत्त भी बिहार दौरे पर आये। सुप्रीम कोर्ट ने जब संजय दत्त को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी तो सपा के मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया। संजय दत्त लगातार पार्टी की ऒर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में वे दो दिनों से बिहार के दौरे पर हैं, उनके साथ अमर सिंह भी पहुंचे। संजय की चुनावी सभा बगहा, मोतिहारी सहित कई अन्य जिले, इसके पश्चात 12 अप्रैल को औरंगाबाद में हुआ। सभी जगहों पर भीड़ उन्हें करीब से देखना चाहती थी। उनकी सुरक्षI के लिए पुलिस को हल्की लाठियां भांजनी पड़ीं। यहां दिये गये भाषण में संजय ने कहा कि यहां के मुख्यमंत्री गांधीगीरी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि जो प्यार और सम्मान उन्हें बिहार में मिला, वह कहीं नहीं मिला। यहां की जनता को सिर्फ यही चिंता सता रही थी कि वह अपने हीरो से कैसे मिले। इधर के कुछ सालों से चुनाव में फिल्मी हीरो से प्रचार कराने के लिए नेता कुछ विशेष इच्छुक रहते हैं । इसकी वजह है कि हीरो को देखने काफी संख्या में लोग इक्ट्ठे हो जाते हैं। इसका फायदा भी संबंधित पार्टी को होता है। पार्टी के लोग यह प्रचार करते हैं कि उनके समर्थन में हवा बह रही है। कुछ भी हो हर तरह से उल्लू जनता ही बनती है। जनता हर चुनाव में यह फैसला करती है कि वह सोच-समझकर मतदान करेगी। परंतु हर चुनाव बाद वह यही कहती है कि इस बार फिर गलती हो गयी।

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