बुधवार, 8 अप्रैल 2009

एमपी नहीं बन सकेंगे कई दिग्गज

पन्द्रहवीं लोकसभा चुनाव में कई ऎसे दिग्गज सांसद नहीं बन सकेंगे जो पिछली दफा लोस के सदस्य थे। सिवान के सांसद मो. शहाबुद्दीन, मधेपूरा के सांसद पप्पू यादव, विधायक देवनाथ यादव के चुनाव लड़ने की याचिका को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। इसी क्रम में पटना के हाईकोर्ट ने बुधवार को सांसद सूरजभान सिंह की याचिका को खारिज कर दिया। नतीजन अब ये भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। अभिनेता संजय दत्त के लखनऊ से चुनाव लड़ने की अपील को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। शहाबुद्दीन, पप्पू यादव, सूरजभान को पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि अदालत उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा सकती है। इसीलिए तीनों ने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर ली थी। सिवान के सांसद शहाबुद्दीन पर हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे लंबे समय से सिवान जेल में सजा काट रहे हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सिवान सीट खोना नहीं चाहते थे। इसीलिए उन्होंने शहाबुद्दीन की पत्नी हिना को यहां से टिकट दे दिया। लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान भी सूरजभान को टिकट से वंचित नहीं कर सकते थे। सूरजभान के कहने पर पासवान ने उनकी पत्नी वीणा देवी को नवादा से टिकट दिया। पप्पू ने भी अपनी पत्नी रंजीता रंजन को चुनाव मैदान में उतार दिया है। सत्ता में एक बार आने के बाद कोई नेता इससे वंचित नहीं रहना चाहता है, चाहे इसके लिये उसे कोई भी हथकंडा क्यों न अपनाना पड़े? तीनों सांसदों को इस बात का डर है कि यदि वे पूरी तरह से सत्ता से विमुख हो जायेंगे तो इन्हें सलाखों के पीछे से निकालने में कौन मदद करेगा? क्योंकि समय-समय पर इन्हें अदालत से बुलावा आता है। ऎसे में यदि पत्नी के हाथ में 'पावर' है तो फिर जय-जय है। कई साल पहले लालू प्रसाद जब चारा घोटाले में फंसे थे और उन्हें सरेंडर करना था तो उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया था। कुर्सी पर तो राबड़ी देवी थी मगर असली शासक खुद लालू प्रसाद ही थे।

1 टिप्पणी:

  1. हिन्दी चिटठा जगत में आपका स्वागत है , ऐसे ही अपनी लेखनी से हमें परिचित करते रहें

    धन्यवाद
    मयूर दुबे
    अपनी अपनी डगर

    उत्तर देंहटाएं