गुरुवार, 4 जून 2009

मीरा की मदद से कांग्रेस को चाहिए बिहार

बिहार की मीरा कुमार लोकसभा की अध्यक्ष बन चुकी हैं। राष्ट्रपति के बाद पहली बार देश के एक और महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर किसी महिला ने अपनी जगह बनायी है। दलित की बेटी को इतना बड़ा सम्मान वास्तव में पूरे देश के लिए गर्व की बात है। कांग्रेस ने मीरा को यह सम्मान देकर एक साथ कई निशाने साधे हैं। कांग्रेस ने पूरे देश को यह संदेश दिया कि उसके शासनकाल में महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित तो हैं ही। साथ ही अति पिछड़े वर्ग की महिलाऒं के लिए भी पार्टी में विशेष स्थान है। मीरा कुमार को पहले जलसंसाधन मंत्री बनाया गया। बाद में उनका नाम लोस अध्यक्ष के लिए आया। इस राजनीति के पीछे कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति है। कांग्रेस को मीरा की मदद से पूरा बिहार चाहिए। इस चुनाव में बिहार में कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें ही मिली हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को तीन सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस और राजद में गठबंधन था। राजद के लालू प्रसाद की लताड़ के बाद इस चुनाव में कांग्रेस ने बिहार में अपने बलबूते प्रत्याशियों को खड़ा किया था। इसके बावजूद उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कांग्रेस की सोच है कि 2011 में बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है। विस चुनाव को कांग्रेस अपने बलबूते लड़ना चाहती है। इसकी तैयारी उसने मीरा को लोकसभा अध्यक्ष बनाकर शुरू कर दी है। तीस साल बाद बिहार से किसी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया है। मीरा के पहले बिहार के बलिराम भगत को लोकसभा का अध्यक्ष बनाया गया था। बलिराम सिर्फ चौदह माह जनवरी 1976 से मार्च 1977 तक इस कुर्सी पर विराजमान थे। मीरा कुमार पूर्व डिप्टी पीएम जगजीवन राम की पुत्री हैं। मीरा 1985 में भारतीय विदेश सेवा की नौकरी छोड़ राजनीति के मैदान में उतरी थीं। पहली बार 1985 में उत्तरप्रदेश के बिजनौर से ये लोकसभा सदस्य के रूप में चुनी गयीं। 2004 में अपने पिता की परंपरागत संसदीय क्षेत्र सासाराम से लोकसभा सदस्य के रूप में चुनी गयीं और केन्द्र में मंत्री बनीं। मीरा का जन्म 31 मार्च 1945 को पटना में हुआ था। उन्होंने काफी ऊंचे दर्जे की शिक्षा हासिल की। मीरा राजनीति में हर उतार-चढ़ाव से अवगत हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने ठोक-बजाकर इनका चयन लोकसभा अध्यक्ष के रूप में किया। अब कांग्रेस को बिहार में कितनी सफलता मिलती है। यह तो आनेवाला वक्त ही बतायेगा। इस चुनाव में उत्तरप्रदेश में सफलता मिलने के बाद उत्साहित कांग्रेस की नजर अब बिहार पर है। राहुल गांधी बिहार में हर हाल में कांग्रेस का जनाधार बढ़ाना चाहते हैं।

2 टिप्‍पणियां:

  1. :) सही है… "पैकिंग" और "मार्केटिंग" सही हो तो सब कुछ हिट हो सकता है… "कांग्रेस" भी…

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  2. kya Meera kumar vastav me bihar se hain aur doosree baat kya ve sachche arthon me dalit hain?

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