रविवार, 3 जनवरी 2010

पिता पूर्व मंत्री, बेटा 'डॉन'

नेपाल के पूर्व भूमि सुधार मंत्री का बेटा 'डॉन' व दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ। सुनकर चौंक जाना तय है, परंतु यह सौ फीसदी सच है। नेपाल में दाऊद का दाहिना हाथ और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का एजेंट यूनुस अंसारी को नेपाल पुलिस ने दो जनवरी की रात गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई देशों की नजरें नेपाल पर जा टिकीं। वजह थी-सभी यूनुस के जरिए दाउद के बारे में जानना चाहते थे। यूनुस के पास से बीस लाख से अधिक भारतीय जाली नोट भी मिले। इसके बारे में नेपाली पुलिस कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। पुलिस यह मानती है कि यदि ज्यादा जानकारी मीडिया को दी जाएगी तो जांच प्रभावित होगी। एक पक्ष यह भी मान रहा है कि जल्द ही इस मामले को नेपाली पुलिस दबा देगी। वजह साफ है कि यूनुस के पिता सलीम मियां अंसारी राजा ज्ञानेन्द्र के शासन काल में भूमि सुधार मंत्री रह चुके हैं। वहीं, यूनुस खुद भी एक पार्टी का गठन कर चुनाव लड़ चुका है। यूनुस के पिता प्रभावशाली के साथ पैसे वाले व्यक्ति हैं, ऐसे में यहां की पुलिस पर राजनीति दबाव पडऩा तय माना जा रहा है। भारतीय पुलिस जानना चाहती है कि यूनुस के पास जाली नोट कहां से आए, परंतु यह तभी संभव है, जब भारत सरकार नेपाल सरकार से संपर्क साधे। नेपाल के पुलिस महानिरीक्षक की माने तो भारत से प्रत्यर्पण संधि न होने से यूनुस को भारत के हवाले नहीं किया जा सकता है। यूनुस नेपाल का ही निवासी है। वह न सिर्फ नकली नोट का बड़ा कारोबारी है बल्कि हथियार भी सप्लाई करता रहा है। भारत के मध्यप्रदेश में गए दिनों जाली नोटों के साथ अतीक मोहम्मद व रमेश गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों नेपाल के ही रहनेवाले हैं। दोनों ने पूछताद में यूनुस का नाम बताया था। तबसे नेपाली पुलिस यूनुस पर नजर रख रही थी। यह भी जानकारी मिली है कि यूनुस करोड़ों के भारतीय जाली नोट इधर से उधर करवाता था। जाली नोट के कारोबार में पाकिस्तान का भी हाथ माना जाता है। इस कारोबार से आतंकी संगठनों को धन मिलता है, जो भारत विरोधी कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जाली नोट का कारोबार इतना बढ़ चुका है कि बैंकों की एटीएम से भी जाली नोट निकलने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार के विदेश विभाग को चेत जाना चाहिए और यूनुस को भारत में पूछताछ के लिए बुलाना चाहिए। केन्द्र सरकार यदि अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करे ले तो नेपाल सरकार कभी उसकी बात नहीं टालेगा। इधर, सूत्र बता रहे हैं कि नेपाल के पुलिस महानिरीक्षक के पास अभी से फोन आने लगे हैं कि यूनुस के केस को कमजोर किया जाए। हालांकि नेपाली पुलिस के लिए यह सबकुछ इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि बात न सिर्फ मीडिया में लीक हो चुकी है बल्कि कई देश भी यूनुस पर नजर रख रहे हैं।

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