सोमवार, 4 जनवरी 2010

कराची से आ रहा जाली नोट!


यूनुस अंसारी की गिरफ्तारी नेपाल पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यूनुस से की गई पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। नेपाल पुलिस यूनुस से अभी अनगिनत सवालों का जवाब चाहती है। मसलन-दाउद इब्राहिम के संपर्क में यूनुस कैसे रहता था। उसका संपर्क सीधे था या फिर दाउद के शातिर के जरिए। भारतीय जाली नोट किसके माध्यम से यूनुस के पास पहुंचते थे। लाखों के जाली नोट आखिर पुलिस की आंखों से बचकर कैसे गंतव्य तक पहुंचाया जाता था। दाउद वर्तमान में कहां रह रहा है? इस तरह के अनगिनत सवाल नेपाल पुलिस के दिमाग में घूम रहा है। भारत की पुलिस भी इसका जवाब जानने के लिए बेचैन है। वहीं, पाकिस्तान के आईएसआई भी चौकस है कि यूनुस नेपाली पुलिस के सामने कहीं अपना मुंह न खोल दे। पाकिस्तान भी पूरे मामले पर नजर गड़ाये हुए है। इधर, नेपाल पुलिस का मानना है कि एक दिन में यूनुस से इतने सारे सवाल नहीं पूछे जा सकते हंै। जाहिर है कि इतनी आसानी से यूनुस गोपनीय राज खोलनेवाला नहीं है। ऐसे में नेपाल पुलिस ने यूनुस समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए दस दिनों के लिए रिमांड पर ले लिया है। पुलिस मान रही है कि वह इतने दिनों में यूनुस से सच उगलवा लेगी। जानकारी यह भी मिली है कि युनूस को बचाने के लिए उसके पक्षधर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। ये हर हाल में यूनुस को बचाना चाहते हैं। इधर, सूत्र बता रहे हैं कि आईएसआई के नेतृत्व में पाकिस्तान के कराची, रावलपिंडी, क्वेटा के सरकारी प्रिंटिंग प्रेसों में अरबों के भारतीय जाली नोट छापे जा रहे हैं। पाकिस्तान में पांच सौ और हजार के ही नोट अधिक छापे जाते हैं। इसके पश्चात विभिन्न माध्यम से ये रुपए भारतीय क्षेत्रों में खपाने के लिए भेजे जाते हैं। यूनुस के पास मिले पच्चीस लाख रुपए पांच-पांच सौ के ही थे। सीमावर्ती क्षेत्रों की भारतीय पुलिस चौकस है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से यूनुस मामले में अबतक कोई पहल नहीं की गई है। भारत को शुरू से ही संदेह रहा है कि जाली नोट का रैकेट पाकिस्तान के संरक्षण में ही फल-फूल रहा है। हालांकि पाकिस्तान इससे मुकरता रहा है। यूनुस यदि सच बोल देता है तो भी पाकिस्तान कतई नहीं मानेगा कि जाली नोट से उसका कुछ भी लेना-देना है। फिलहाल भारत, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश सहित कई देशों की निगाहें यूनुस की ओर हैं। यूनुस यदि कबूलता है कि जाली नोट उसे पाकिस्तानी एजेंटों के माध्यम से मिलता है तो विश्व बिरादरी में पाकिस्तान की छीछालेदर तय है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि यूनुस के हाथ इतने लंबे हैं कि वह जल्द ही पुलिस हिरासत से बाहर होगा।

1 टिप्पणी:

  1. यूनुस अगर पुलिस हिरासत से बाहर भी हो जाता है तो कोई आश्चर्य न होगा. बड़े बड़े आतंकवादियों का ही हम क्या कर लें रहें हैं हिरासत में खातिरदारी के सिवाय.


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